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Extortion Syndicate: लॉरेंस बिश्नोई के वकील की पुलिस रिमांड 2 दिन बधाई गई, सहयोगी पिस्टल के साथ हुआ गिरफ्तार
- Photo by : social media
संक्षेप
दिल्ली: गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े कथित रंगदारी सिंडिकेट की जांच में क्राइम ब्रांच को अहम जानकारी मिलने का दावा किया गया है।
विस्तार
दिल्ली: गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े कथित रंगदारी सिंडिकेट की जांच में क्राइम ब्रांच को अहम जानकारी मिलने का दावा किया गया है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने लॉरेंस बिश्नोई के वकील दीपक नंदा उर्फ दीपक खत्री उर्फ मामा की पुलिस रिमांड दो दिन के लिए और बढ़ा दी है। पुलिस ने अदालत को बताया कि आरोपी से पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर उसके कथित सहयोगी ऋषभ कपूर को गिरफ्तार किया गया है। उसके कब्जे से एक ऑटोमेटिक पिस्टल और पांच कारतूस बरामद किए जाने की बात कही गई है। क्राइम ब्रांच ने गुरुवार को आरोपी वकील को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दीपक नंदा ने कुछ अहम जानकारियां दीं, जिसके आधार पर जांच टीम ने कार्रवाई करते हुए ऋषभ कपूर को गिरफ्तार किया। पुलिस अब बरामद हथियार और अन्य तथ्यों को मामले की जांच से जोड़कर आगे की पूछताछ कर रही है। UAPA के तहत हुई थी गिरफ्तारी पुलिस के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और आतंकी मॉड्यूल से जुड़े मामले में शाहबाज अंसारी के विदेश भाग जाने के बाद जांच के दौरान दीपक नंदा का नाम सामने आया था। इसी मामले में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम यानी UAPA के तहत 26 अगस्त को उसकी गिरफ्तारी की गई थी। क्राइम ब्रांच की टीम ने अदालत को बताया कि आगे की जांच में आरोपी वकील का उन लोगों से आमना-सामना कराया जाना है, जिनसे कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर रंगदारी मांगी या वसूली गई। इसके अलावा आरोपी के कथित सहयोगी ऋषभ कपूर और कुछ संरक्षित गवाहों से भी आमना-सामना कराने की तैयारी है। जांच एजेंसी का आरोप है कि आरोपी वकील ने कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर अवैध कॉल सेंटर संचालकों, सटोरियों, बिल्डरों, ड्रग तस्करों, क्लब संचालकों और प्रॉपर्टी डीलरों से रंगदारी की रकम वसूलने में भूमिका निभाई। पुलिस का यह भी दावा है कि गैंग की ओर से धमकी भरी कॉल या फायरिंग की घटना के बाद आरोपी कथित तौर पर समझौता कराने की भूमिका निभाता था। क्राइम ब्रांच ने अदालत से पांच दिन की अतिरिक्त पुलिस रिमांड मांगी थी, ताकि आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जा सके और उससे जुड़े अन्य लोगों तथा पीड़ितों के बारे में जानकारी हासिल की जा सके। हालांकि आरोपी के वकीलों ने पुलिस की मांग का विरोध किया। बचाव पक्ष ने आरोप लगाया कि आरोपी को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है और यह कार्रवाई बदले की भावना से की जा रही है। बचाव पक्ष ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद राउज एवेन्यू कोर्ट ने दीपक नंदा की पुलिस रिमांड दो दिन के लिए बढ़ा दी। अब जांच एजेंसी इस अवधि में आरोपी से पूछताछ के साथ-साथ कथित रंगदारी नेटवर्क, हथियार बरामदगी और अन्य संभावित सहयोगियों के संबंध में जांच आगे बढ़ाएगी।
रंगदारी वसूली में भूमिका होने का पुलिस ने किया दावा