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Delhi Domestic Help Murder: काम में ढिलाई पर डॉक्टर ने की मेड की करी हत्या, 340 पन्नों की चार्जशीट में हुआ बड़ा खुलासा

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दिल्ली  Published by: Shikha , Date: 16/09/2026 03:38:40 pm Share:
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  • 16/09/2026 03:38:40 pm
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संक्षेप

दिल्ली: कैलाश हिल्स से घरेलू सहायिका मीना हलदार की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है।

विस्तार

दिल्ली: कैलाश हिल्स से घरेलू सहायिका मीना हलदार की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस ने त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष गुप्ता के खिलाफ 340 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस का दावा है कि मीना की हत्या काम में ढिलाई और डॉक्टर की बातों की बजाय उनकी पत्नी के निर्देशों को प्राथमिकता देने को लेकर हुए विवाद के बाद की गई। पुलिस के मुताबिक, 18 जून को करीब साढ़े 10 बजे मीना हलदार रोज की तरह गुप्ता परिवार के घर काम करने पहुंची थीं। उस समय डॉक्टर की पत्नी अपने क्लीनिक के लिए जा चुकी थीं, जबकि उनका 18 वर्षीय बेटा कमरे में सो रहा था। चार्जशीट के अनुसार, डॉक्टर ने मीना से अपने क्लीनिक की सफाई करने को कहा था, क्योंकि सुबह 11 बजे तक वहां ग्राहक आने वाले थे। लेकिन जब कुछ देर बाद क्लीनिक साफ नहीं मिला तो डॉक्टर कथित तौर पर नाराज हो गए और मीना को डांटने लगे।

दौड़ा-दौड़ा का उतारा मीना को मौत के घाट 

पुलिस का आरोप है कि इसके बाद डॉक्टर ने मीना को छत पर बने स्टोर रूम की सफाई करने के लिए कहा। जैसे ही मीना वहां पहुंचीं, डॉक्टर ने कथित तौर पर बल्ले से उनके सिर पर हमला किया। पुलिस के मुताबिक, मीना वहां से भागने में कामयाब हुईं, लेकिन डॉक्टर ने उनका पीछा किया और छत पर उनकी गर्दन पर चाकू से कई वार किए। सुबह करीब 11 बजकर 40 मिनट पर एक पड़ोसी ने मीना को छत पर घायल हालत में देखा और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने डॉक्टर मनीष गुप्ता को उनके फ्लैट से गिरफ्तार कर लिया। जांच में पुलिस ने यह भी दावा किया कि मीना करीब 16 साल से गुप्ता परिवार के यहां काम कर रही थीं। पुलिस के मुताबिक, डॉक्टर पिछले कुछ समय से उनके काम से नाराज थे और कई बार अपनी पत्नी से मीना को नौकरी से हटाने के लिए कह चुके थे।

पुलिस की कार्रवाई 

वहीं, आरोपी और उनके परिवार की ओर से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी दलील भी दी गई थी। हालांकि पुलिस का कहना है कि मनोचिकित्सकीय मूल्यांकन और पुराने मेडिकल रिकॉर्ड की जांच में ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला, जिससे हत्या के पीछे इस वजह को जोड़ा जा सके। चार्जशीट में कुल 43 गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं। पुलिस ने आरोपी के कपड़ों से मिले खून के नमूने के मीना के खून से मेल खाने का भी दावा किया है। मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है और आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। हालांकि, आरोपी के वकील कमल नयन तिवारी ने पुलिस की पूरी थ्योरी को खारिज किया है। उनका कहना है कि पुलिस पहले काला जादू से जुड़ी थ्योरी की बात कर रही थी और अब हत्या की वजह कुछ और बता रही है। वकील ने यह भी दावा किया कि छत पर पहुंचने के कई रास्ते हैं और कोई प्रत्यक्षदर्शी यह नहीं कहता कि डॉक्टर ने हत्या की।