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मध्य प्रदेश: 50 शिकायतों के बाद भी नहीं जागा प्रशासन, महीनों से अंधेरे में क्षिप्रा का मुख्य चौराहा
- Photo by : social media
संक्षेप
मध्य प्रदेश: क्षिप्रा की जनता आखिर कब तक प्रशासन की अनदेखी और अंधेरे में रहने को मजबूर रहेगी विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच जमीनी हकीकत यह है कि क्षेत्र का एक मुख्य चौराहा महीनों से रोशनी के लिए तरस रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और स्थानीय निकाय मूकदर्शक बने बैठे हैं।
विस्तार
मध्य प्रदेश: क्षिप्रा की जनता आखिर कब तक प्रशासन की अनदेखी और अंधेरे में रहने को मजबूर रहेगी विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच जमीनी हकीकत यह है कि क्षेत्र का एक मुख्य चौराहा महीनों से रोशनी के लिए तरस रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और स्थानीय निकाय मूकदर्शक बने बैठे हैं। मामला क्षिप्रा मुख्य चौराहा स्थित HDFC बैंक के सामने का है, जहाँ इसी वर्ष फरवरी माह में एक अनियंत्रित ट्रक द्वारा स्ट्रीट लाइट का पोल तोड़ दिया गया था पोल टूटने के बाद से ही इस पूरे व्यावसायिक हिस्से में रात के समय घना अंधेरा पसरा रहता है। व्यस्त मार्ग होने के कारण यहाँ देर रात तक वाहनों और राहगीरों की भारी आवाजाही रहती है, जिससे हर समय किसी गंभीर दुर्घटना या अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। 50 से अधिक बार शिकायत, फिर भी कार्रवाई शून्य स्थानीय सजग नागरिकों द्वारा फरवरी से लेकर जुलाई तक इस गंभीर समस्या की जानकारी दोनों पंचायत और संबंधित प्रशासन के अधिकारियों को 50 से अधिक बार दी जा चुकी है बेहद हैरान करने वाली बात है कि इतनी बार अवगत कराए जाने के बाद भी आज तक न तो वहाँ नया पोल लगाने की सुध ली गई और न ही प्रकाश की कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई स्थानीय निकायों की यह सुस्ती साफ तौर पर जनता की समस्याओं के प्रति उनकी उदासीनता को दर्शाती है। एक मुख्य चौराहे पर महीनों से अंधेरा पसरा होना आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और राहगीरों की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों के सक्रिय होने का भय भी लगातार बना हुआ है। क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि आखिर जिम्मेदार विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है। तत्काल कार्रवाई की मांग स्थानीय जनता और सजग नागरिकों ने संबंधित पंचायत व जिम्मेदार प्रशासन अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि इस मामले को तत्काल संज्ञान में लेते हुए नया स्ट्रीट लाइट पोल लगाया जाए और प्रकाश व्यवस्था बहाल की जाए, ताकि आमजन को इस परेशानी से मुक्ति मिल सके और सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हो सके।
सुरक्षा पर खड़े हो रहे हैं गंभीर सवाल