Contact for Advertisement 9650503773


मणिपुर: तिरंगे में लिपटकर वापस घर लौटा जवान, संदिग्ध मौत पर उठे गंभीर सवाल

- Photo by : social media

मणिपुर  Published by: Fulchand Malviya , Date: 08/08/2026 04:29:18 pm Share:
  • मणिपुर
  • Published by: Fulchand Malviya ,
  • Date:
  • 08/08/2026 04:29:18 pm
Share:

संक्षेप

मणिपुर: हरदोई में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले सीआरपीएफ की 112वीं बटालियन के जवान विनीत सिंह (37) का पार्थिव शरीर शुक्रवार को तिरंगे में लिपटकर उनके पैतृक गांव पुरवा बाजीराव (मजरा जरौआ) पहुंचा।

विस्तार

मणिपुर: हरदोई में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले सीआरपीएफ की 112वीं बटालियन के जवान विनीत सिंह (37) का पार्थिव शरीर शुक्रवार को तिरंगे में लिपटकर उनके पैतृक गांव पुरवा बाजीराव (मजरा जरौआ) पहुंचा। जवान के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्रवासी उमड़ पड़े। पूरे गांव में शोक का माहौल रहा, जबकि परिजनों में घटना को लेकर गहरा आक्रोश भी देखने को मिला। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे हत्याहरण तीर्थ स्थल के समीप जवान का पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बड़े भाई अनिल सिंह ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान लोगों ने भारत माता की जय और विनीत सिंह अमर रहें के नारे लगाए। ग्रामीणों ने नम आंखों से अपने गांव के सपूत को अंतिम विदाई दी। हालांकि अंतिम संस्कार के दौरान सीआरपीएफ की 112वीं बटालियन के अधिकारियों और जवानों की मौजूदगी नहीं रही। इसे लेकर परिजनों और ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने कहा कि लंबे समय तक देश की सेवा करने वाले जवान की अंतिम यात्रा में संबंधित बटालियन के प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति कई सवाल खड़े करती है।

लखनऊ में परिजनों ने किया विरोध

इससे पहले गुरुवार देर रात करीब तीन बजे विनीत सिंह का पार्थिव शरीर लखनऊ पहुंचा। बुद्धेश्वर चौराहे के पास उनकी पत्नी नेहा सिंह, परिजनों और छुट्टी पर आए कुछ जवानों ने शव वाहन रोककर विरोध जताया। पत्नी ने जवान की मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। परिजनों के मुताबिक, विनीत सिंह के सीने में तीन गोलियां लगने की बात सामने आई है। परिवार ने सवाल उठाया कि यदि घटना आत्महत्या की है तो एक व्यक्ति खुद को तीन गोलियां कैसे मार सकता है। हालांकि घटना की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि विनीत पिछले तीन-चार दिनों से बुखार और पेट दर्द से परेशान थे। उनका कहना है कि इसके बावजूद उनसे लगातार ड्यूटी कराई गई। परिवार ने मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोबारा पोस्टमार्टम और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

5 अगस्त को मिली थी गोली लगने की सूचना

जानकारी के अनुसार, 5 अगस्त की सुबह मणिपुर के मोतबंग स्थित सीआरपीएफ मुख्यालय में विनीत सिंह को गोली लगने की सूचना मिली थी। आधिकारिक स्तर पर इसे निजी हथियार से आत्महत्या का मामला बताया गया है, जबकि परिवार इस दावे को लेकर संतुष्ट नहीं है और घटना की पूरी सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहा है। विनीत सिंह वर्ष 2009 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। हाल ही में उनका जम्मू-कश्मीर से मणिपुर तबादला हुआ था, जहां उनका प्रशिक्षण चल रहा था।

अंतिम संस्कार में प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद

अंतिम संस्कार के दौरान बेनीगंज इंस्पेक्टर कौशलेश सिंह पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। वहीं लखनऊ की 93वीं बटालियन के असिस्टेंट कमांडर आर.के. त्रिपाठी ने मृतक की पत्नी को अंतिम संस्कार के लिए एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की। इस दौरान जवान के पिता देशराज सिंह, पत्नी नेहा सिंह, 12 वर्षीय पुत्र रुद्र प्रताप, बड़े भाई समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्रवासी मौजूद रहे। घटना को लेकर क्षेत्र में शोक के साथ आक्रोश का माहौल है। अब परिजनों और ग्रामीणों की नजर जांच के नतीजों पर टिकी है। परिवार का कहना है कि निष्पक्ष जांच के जरिए मौत की वास्तविक वजह सामने आनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अन्य जिम्मेदारी सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

Related News

Firing Case: आनंद विहार में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग, दोनों हाथों में पिस्टल लेकर 14 से ज़्यादा गोलियां चलाने वाला शार्प शूटर हुआ गिरफ्तार

Land Dispute Became Gangwar: 1000 गज जमीन का विवाद बना खूनी गैंगवॉर! 3 हत्याओं के बाद अब जिम ट्रेनर विजय कुमार की हुई हत्य

उत्तर प्रदेश: परेई आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल, जांच की मांग

Case of Sexual Assault: यूक्रेन से MBBS कर लौटे डॉक्टर पर नर्स से दुष्कर्म करने का लगा आरोप, सेमिनार के बहाने सोनीपत से दिल्ली लाया था

Toddler Murder: मां ने डेढ़ साल की बेटी का गला रेतकर उतारा मौत के घाट, रिश्तेदारों द्वारा पुलिस को दी गई सूचना

Murder: गली में दौड़ा-दौड़ाकर किया 17 बार चाकू से हुआ हमला, 22 साल के वंश की हुई मौके पर मौत


Featured News