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Punjab Crime News: बठिंडा में पूर्व मैनेजर की हुई संदिग्ध मौत, ट्रांसपोर्ट कंपनी मालिक समेत 6 पर हत्या-अपहरण का केस दर्ज
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संक्षेप
पंजाब: पंजाब के बठिंडा में न्यू गुरु काशी बस सर्विस के पूर्व मैनेजर-कम-अकाउंटेंट विश्वनाथ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।
विस्तार
पंजाब: पंजाब के बठिंडा में न्यू गुरु काशी बस सर्विस के पूर्व मैनेजर-कम-अकाउंटेंट विश्वनाथ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। थाना सदर पुलिस ने ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक समेत छह लोगों के खिलाफ अपहरण और हत्या से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है। हालांकि अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। 11 दिन बाद नाले से मिली लाश बताया जा रहा हैं की विश्वनाथ 20 अगस्त को अचानक लापता हो गए थे, जिसके करीब 11 दिन बाद 31 अगस्त को उनका शव तलवंडी साबो के गांव जीवन सिंह वाला के पास लसाड़ा ड्रेन से बरामद किया गया। शव की हालत काफी खराब बताई जा रही है। मृतिक के परिजनों के मुताबिक मृतक के हाथ-पैर रस्सियों से बंधे हुए थे, जिसके बाद परिजनों ने इसे अपहरण के बाद हत्या का मामला बताया है। साथ ही शव मिलने के बाद विश्वनाथ के परिवार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने पहले ही विश्वनाथ के अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस को कुछ लोगों के नाम बताए थे, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस ने गंभीरता से तलाश की होती तो शायद विश्वनाथ की जान बचाई जा सकती थी। फोन कॉल के बाद घर से निकले थे विश्वनाथ मृतक के परिजनों के अनुसार 20 अगस्त की शाम विश्वनाथ को उनके एक पूर्व सहकर्मी ने फोन कर ग्रोथ सेंटर की ओर बुलाया था। परिजनों का दावा है कि विश्वनाथ को पहले से किसी अनहोनी की आशंका थी। इसी वजह से उन्होंने मोबाइल की वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू करके उसे अपनी जेब में रख लिया था। परिजनों का आरोप है कि रास्ते में एक कार ने विश्वनाथ को टक्कर मारी। इसके बाद कार में सवार लोगों ने कथित तौर पर उन्हें जबरन उठाकर वाहन में डाल लिया। परिजनों का कहना हैं की इस दौरान हुई बातचीत और कुछ आवाजें मोबाइल में रिकॉर्ड हो गई थीं। परिजन इस रिकॉर्डिंग को जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य मान रहे हैं। नौकरी छोड़ने के बाद बढ़ा था विवाद बताया जा रहा हैं की विश्वनाथ ने 4 अगस्त को न्यू गुरु काशी बस सर्विस की नौकरी छोड़ दी थी। परिवार के मुताबिक, कंपनी के मालिकों के साथ किसी बात को लेकर उनका विवाद चल रहा था। इसी विवाद को परिवार उनकी हत्या की वजह मान रहा है। परिजनों को आशंका है कि इसी कारण साजिश के तहत उन्हें घर से बाहर बुलाया गया और फिर उनका अपहरण कर लिया गया। मृतक के बेटे सक्षम और भाई जय ने पुलिस को विश्वनाथ के अपहरण की आशंका के बारे में जानकारी देने की बात कही है। भाई जय ने मामले की जांच कर रहे थानेदार गुरप्रीत सिंह पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुलिस को मोबाइल रिकॉर्डिंग और कथित आरोपियों के बारे में जानकारी दिए जाने के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं हुई। गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी पुलिस ने ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। विश्वनाथ के परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार कराने से इनकार कर दिया है। परिवार ने पंजाब सरकार और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।